बोरदेही (सूर्यप्रकाश शेटे)। नगर सेन समाज संगठन बोरदेही के तत्वावधान में आज सूरे परिवार की आराध्य देवी, माता शक्ति की पावन आठवीं जयंती अत्यंत श्रद्धा, हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर समाज द्वारा एक विशाल चुनरी यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे नगर को भक्तिमय कर दिया। यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति (महिलाएं) और युवा पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।
महाआरती के साथ समाज की खुशहाली की कामना
कार्यक्रम की शुरुआत माता शक्ति की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित समाजजनों ने माता रानी के चरणों में शीश नवाकर समाज की उन्नति, सुख-समृद्धि और आपसी खुशहाली की मंगल कामना की।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा, जयकारों से गूंजा बोरदेही
पूजा-अर्चना के बाद माता रानी की भव्य चुनरी यात्रा गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई। यह यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरी। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु माता जी के गगनभेदी जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा माहौल धर्ममय हो गया। जगह-जगह नगरवासियों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर चुनरी यात्रा और माता की सवारी का आत्मीय स्वागत किया।
राकेश सूरे रहे मुख्य अतिथि, समाज की दिग्गज हस्तियाँ रहीं मौजूद
इस गरिमामयी धार्मिक उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश युवा सेन समाज संगठन सैलून एसोसिएशन प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राकेश सूरे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही नगर सेन समाज संगठन बोरदेही से अनिल सूरे, ललित सूरे, मुकेश सूरे, अजय सूरे, विजय सूरे, दिनेश सूरे, नितेश सूरे, आशीष सूरे, मनीष सूरे, सागर सूरे तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोकुल सूरे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दशरथ सूरे, अजय सूरे, कन्हैया सूरे, जितेंद्र सूरे, अशोक सूरे, प्रथम सूरे, रवि सूरे, प्रीतम सूरे, गब्बर सूरे, गोलू सूरे, प्रशांत सूरे, राजेश सूरे, हितेश सूरे एवं लखनलाल सूरे सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित रहीं।
"धार्मिक आयोजन समाज में लाते हैं एकता"
चुनरी यात्रा के समापन पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने संबोधित करते हुए कहा कि:
"इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में आपसी एकता, हमारी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। इससे युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।"
महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का विधिवत समापन माता जी के भंडारे (प्रसादी वितरण) और समाज के वरिष्ठजनों व अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। पूरी यात्रा और कार्यक्रम के दौरान सेन समाज के युवाओं का अनुशासन और प्रबंधन बेहद सराहनीय रहा।
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