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सर्वर की भेंट चढ़ा गरीबों का निवाला: 10 दिनों से राशन की दुकानों पर सन्नाटा, डॉ. सुनीलम ने सरकार को घेरा ।



मुलताई ( पाशा खान ) । डिजिटल इंडिया के दावों के बीच मध्य प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले 8-10 दिनों से सर्वर और नेटवर्क की तकनीकी दिक्कतों के कारण प्रदेश के लाखों गरीब परिवार राशन के लिए दाने-दाने को मोहताज हैं। इस गंभीर मुद्दे पर किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर व्यवस्था को तत्काल सुधारने या ऑफलाइन राशन बांटने की मांग की है।

सर्वर डाउन, जनता परेशान

​डॉ. सुनीलम ने बताया कि प्रदेश की राशन दुकानों पर स्थिति यह है कि 100 में से केवल 5 हितग्राहियों को ही मुश्किल से राशन मिल पा रहा है। सर्वर काम नहीं करने की वजह से पीओएस (POS) मशीनें शोपीस बनी हुई हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है, जहाँ मजदूर अपनी दिहाड़ी छोड़कर मीलों दूर राशन दुकान तक पहुँचते हैं, लेकिन दिनभर इंतजार के बाद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।

राशन दुकानों पर बढ़ा तनाव

​विभागीय अधिकारियों की चुप्पी और सेल्समैनों के पास कोई वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण दुकानों पर विवाद की स्थिति बन रही है। डॉ. सुनीलम ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस तकनीकी विफलता को लेकर जनता को कोई स्पष्ट सूचना तक नहीं दी है।

डॉ. सुनीलम की सरकार से 3 प्रमुख माँगें:

  1. ऑफलाइन वितरण: जब तक सर्वर सुचारू नहीं होता, तब तक मैनुअल तरीके से राशन वितरण का निर्देश जारी हो।
  2. दोषियों पर कार्यवाही: सर्वर चलाने वाली प्राइवेट कंपनी और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया जाए।
  3. समय सीमा बढ़ाई जाए: सर्वर ठप होने के कारण जो समय बर्बाद हुआ है, उसकी भरपाई के लिए राशन वितरण की अंतिम तारीख बढ़ाई जाए।
  4. ​"यह सरकार की घोर संवेदनहीनता है। गरीबों के पेट पर लात मारकर तकनीकी सुधार का बहाना नहीं चलेगा। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किसान संघर्ष समिति प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगी।"

    डॉ. सुनीलम, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान संघर्ष समिति


    रिपोर्ट: ब्यूरो, ऑल इंडिया खबर

    स्थान: मुलताई, मध्य प्रदेश

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