स्थान: मुलताई/दुनावा
दिनांक: 10 अप्रैल, 2026
ब्यूरो रिपोर्ट: ऑल इंडिया खबर
मुलताई (बैतूल): जिला प्रशासन और कलेक्टर द्वारा नरवाई (पराली) जलाने पर लगाए गए सख्त प्रतिबंध के बावजूद मुलताई क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला दुनावा चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोब का है, जहाँ शुक्रवार दोपहर खेतों में लगाई गई आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे चार किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
दोपहर 4:28 बजे भड़की आग, 10 एकड़ का रकबा चपेट में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर लगभग 4:28 बजे ग्राम डोब में अचानक आग की लपटें दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने भूरी नानू, बाबू लाला देशमुख, बबलू देशमुख और राकेश देशमुख के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। लगभग 8 से 10 एकड़ में फैली नरवई धू-धू कर जलने लगी। इस आगजनी में किसानों की मेहनत से तैयार 2 ट्राली भूसा, खेत में लगे कई कीमती पेड़ और रखी हुई लकड़ियां जलकर राख हो गईं।
फायर टीम की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। फायर फाइटर ड्राइवर मनोज सिंह और गिरीश पिपले ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि समय रहते दमकल की टीम नहीं पहुंचती, तो आग पास के अन्य खेतों और बस्तियों तक फैल सकती थी, जिससे और भी बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।
प्रशासन के आदेशों की सरेआम अवहेलना
गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और जिला कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि फसल कटाई के बाद नरवाई जलाना दंडनीय अपराध है। इसके लिए जुर्माने का भी प्रावधान है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पालन होता नहीं दिख रहा है। नरवाई जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और जमीन की उर्वरता खत्म हो रही है, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों से किसानों का बड़ा नुकसान हो रहा है।
किसानों में हड़कंप, कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद से क्षेत्र के किसानों में हड़कंप मचा हुआ है। पीड़ित किसानों ने नुकसान के मुआवजे और आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कड़े कदम उठाता है।
देखते रहिए 'ऑल इंडिया खबर', मुलताई से पाशा खान की रिपोर्ट।
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