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न्यूज हेडलाइन: मुलताई में स्मार्ट मीटर का आतंक: जबरन मीटर लगाने पर आमादा कंपनी, केंद्र सरकार के आदेशों की उड़ रही धज्जियां!


मुलताई:

नगर में इन दिनों बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और स्मार्ट मीटर लगाने वाली निजी कंपनियों के रवैये को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। शहर के अलग-अलग वार्डों में निजी कंपनियों के कर्मचारी घर-घर जाकर नोटिस चिपका रहे हैं और उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर जबरन स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

क्या है केंद्र का आदेश?

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह (24 अप्रैल 2026) को संसद में और आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने भी अपने नियमों में संशोधन कर दिया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं पर 'प्रीपेड मोड' थोपना अब बंद कर दिया गया है। मंत्री के अनुसार, उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार 'पोस्टपेड' विकल्प चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।

मुलताई में उपभोक्ता परेशान, अधिकारी मौन

मुलताई के जागरूक नागरिकों का कहना है कि निजी कंपनियां केंद्र सरकार के इन आदेशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही हैं। क्षेत्र में कर्मचारी मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं को डरा-धमका रहे हैं, जिससे नगर में विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। यह स्पष्ट है कि कंपनी का उद्देश्य सेवा सुधारने के बजाय उपभोक्ताओं पर अपनी शर्तें थोपना है।

उपभोक्ता क्या करें? (परामर्श)

'ऑल इंडिया खबर' मुलताई के प्रभावित उपभोक्ताओं को निम्नलिखित कदम उठाने की सलाह देता है:

  1. लिखित विरोध दर्ज करें: यदि कर्मचारी घर आते हैं, तो उनसे लिखित में पूछें कि किस कानूनी आदेश के तहत वे जबरदस्ती मीटर लगा रहे हैं? केंद्र सरकार के नए नियमों की प्रति उन्हें दिखाएं।
  2. पोस्टपेड का विकल्प मांगें: किसी भी हाल में 'प्रीपेड' सिस्टम के लिए अपनी सहमति न दें। आप अपना अधिकार मांगें कि आपको केवल 'पोस्टपेड' मीटर ही चाहिए।
  3. वीडियो सबूत: यदि कोई भी कर्मचारी अभद्रता करता है या कनेक्शन काटने की धमकी देता है, तो उनका वीडियो बनाएं। यह वीडियो आपकी शिकायत का सबसे मजबूत आधार बनेगा।
  4. औपचारिक शिकायत: स्थानीय बिजली विभाग (SDO/AE) कार्यालय में एक सामूहिक ज्ञापन सौंपें। साथ ही, 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन' (181) और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज करें।

हमारी अपील

'ऑल इंडिया खबर' मुलताई के बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों से यह सवाल करती है कि केंद्र सरकार की नीति स्पष्ट होने के बावजूद मुलताई में 'गुंडागर्दी' क्यों हो रही है? क्या बिजली विभाग निजी कंपनियों के हाथों की कठपुतली बन चुका है?

​हम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि आपके साथ भी ऐसी जबरदस्ती हो रही है, तो हमें तुरंत सूचित करें। हम आपकी आवाज को प्रशासन के शीर्ष तक पहुँचाएंगे।

( पाशा खान )संपादक, ऑल इंडिया खबर

मुलताई (मध्य प्रदेश)

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