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मुलताई के ससुन्द्रा आरटीओ चेक पोस्ट पर अवैध वसूली का काला खेल: हाई कोर्ट के आदेशों की उड़ रही धज्जियां ।


मुलताई (बैतूल)। मध्य प्रदेश में एक तरफ राज्य सरकार और हाई कोर्ट के बीच आरटीओ चेक पोस्टों को लेकर कानूनी खींचतान जारी है, तो दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर अवैध वसूली का 'समांतर तंत्र' सक्रिय हो गया है। ताजा मामला मुलताई के ससुन्द्रा स्थित आरटीओ चेक पोस्ट का है, जहाँ अवैध वसूली ने न केवल आम वाहन चालकों की कमर तोड़ दी है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।

​वसूली का नया 'मोडस ऑपेरंडी'

​परिवहन विभाग के चेक पोस्ट आधिकारिक तौर पर बंद होने के बावजूद, ससुन्द्रा चेक पोस्ट पर 'पॉइंट' लगाकर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। ट्रक चालकों का आरोप है कि यहाँ खाकी वर्दी जैसे कपड़ों में बाहरी लोग वाहनों को रोककर जबरन वसूली करते हैं। एक ट्रक चालक देविंद्र ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि भोपाल से नागपुर जाते समय उसे ससुन्द्रा चेक पोस्ट पर रोका गया। फैक्ट्री का माल लदे होने के बावजूद, उससे 3,000 रुपये की मांग की गई। मालिक से बात कराने पर भी उसे करीब 4 घंटे तक रोक कर रखा गया और अंततः 1,000 रुपये देने के बाद ही उसे जाने दिया गया।

​दुर्घटनाओं का बन रहा केंद्र

​यह अवैध वसूली केवल आर्थिक शोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो रही है। बिना किसी आधिकारिक अनुमति के राजमार्ग पर अवैध तरीके से वाहन रुकवाने के कारण अन्य तेज रफ्तार वाहनों के लिए दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। स्थानीय लोगों और चालकों का कहना है कि इसी तरह की अव्यवस्था के कारण पूर्व में भी यहां एक ग्रामीण की जान जा चुकी है। लोगों का डर है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं कसी गई, तो 'खवासा बॉर्डर' जैसी कोई बड़ी दुर्घटना यहां भी घट सकती है।

​क्या कहते हैं नियम और वर्तमान स्थिति?

​यह पूरा घटनाक्रम प्रदेश में चल रही कानूनी जटिलताओं के बीच सामने आया है:

  • अप्रैल 2026 में आदेश: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 16 अप्रैल 2026 को सभी आरटीओ चेक पोस्ट को 30 दिनों के भीतर फिर से शुरू करने के निर्देश दिए थे।
  • वर्तमान स्थगन: हालांकि, सरकार के पुनरीक्षण याचिका (Review Petition) दाखिल करने के बाद, हाई कोर्ट ने फिलहाल अपने ही आदेश पर रोक लगा दी है।
  • प्रशासनिक चुप्पी: जब इस बारे में ससुन्द्रा आरटीओ चेक पोस्ट प्रभारी अनामिका कोली से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के आदेशानुसार चेक पोस्ट बंद है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाईवे पर पॉइंट लगाकर चेकिंग करने वालों का तत्काल पुलिस द्वारा वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए।

​बड़े सवाल

​सवाल यह है कि जब आरटीओ चेक पोस्ट आधिकारिक तौर पर बंद हैं, तो वहां वाहन रोकने और वसूली करने का साहस किसे है? क्या यह परिवहन विभाग की मिलीभगत है या फिर असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाया गया आतंक? स्थानीय परिवहन संघ ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध वसूली तंत्र को तुरंत ध्वस्त किया जाए और दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि राजमार्गों पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित किया जा सके।

​( पाशा खान ) संपादक, ऑल इंडिया खबर

मुलताई (मध्य प्रदेश)

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