शहर के उपभोक्ताओं को 'ग्रामीण' नियमों में उलझाकर किया जा रहा परेशान ।
📍 मुलताई (बैतूल):
मुलताई शहर के उपभोक्ताओं के साथ गैस वितरण के नाम पर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रभात पट्टन स्थित इंडेन गैस एजेंसी ने मुलताई शहरी क्षेत्र में धड़ल्ले से कनेक्शन तो बांट दिए, लेकिन अब रिफिल सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को हफ्तों तरसाया जा रहा है।
⚠️ क्या है असली 'खेल'? (शहरी बनाम ग्रामीण नियम)
गैस वितरण के नियमों के अनुसार:
- शहरी क्षेत्र (Urban): बुकिंग के 25 दिनों के भीतर सिलेंडर मिलना अनिवार्य है।
- ग्रामीण क्षेत्र (Rural): डिलीवरी के लिए 45 दिनों का समय तय है।
प्रभात पट्टन ग्रामीण क्षेत्र में आता है, जबकि मुलताई एक शहरी निकाय है। एजेंसी ने शहर के वार्डों में कनेक्शन बांटे, लेकिन अब डिलीवरी के वक्त दूरी और 'ग्रामीण कोटा' का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं को 45-45 दिनों तक इंतज़ार करवाया जा रहा है।
📄 इन उपभोक्ताओं ने खोली पोल (दस्तावेजों के सबूत)
'ऑल इंडिया खबर' के पास मौजूद पुख्ता दस्तावेजों के अनुसार, शहर के कई वार्डों के निवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं:
- अनिल कासदे (निवासी: इंदिरा गांधी वार्ड, मुलताई)
- मंजू पवार (निवासी: आजाद वार्ड, मुलताई)
- जयराम पवार (निवासी: पटेल वार्ड, मुलताई)
इन सभी के पास ग्रामीण क्षेत्र (प्रभात पट्टन) की एजेंसी की पासबुक है, जिसके कारण शहर में रहने के बावजूद इन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही है।
🔥 भड़के उपभोक्ता: 181 पर शिकायत, अब SDM की बारी
एजेंसी के अड़ियल रवैये से परेशान होकर अब उपभोक्ताओं ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है:
✅ पीड़ितों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर धांधली की शिकायत दर्ज कराई है।
✅ उपभोक्ताओं की मांग है कि उनके कनेक्शन तुरंत मुलताई की स्थानीय एजेंसी में ट्रांसफर किए जाएं।
✅ जल्द समाधान न होने पर SDM मुलताई को सामूहिक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
🧐 'ऑल इंडिया खबर' का बड़ा सवाल:
जब मुलताई में पहले से ही स्थानीय गैस एजेंसियां मौजूद हैं, तो प्रभात पट्टन की ग्रामीण एजेंसी को शहर के वार्डों में घुसकर कनेक्शन बांटने की अनुमति किसने दी ?
🎤 रिपोर्ट: पाशा खान, संपादक - 'ऑल इंडिया खबर'
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