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मुलताई में 'कैप्टन गोगो' का आतंक, युवा पीढ़ी पर 'सूखे नशे' का प्रहार ।


​भोपाल में लगा पूर्ण प्रतिबंध, क्या अब जागेगा स्थानीय प्रशासन?


 रिपोर्ट: पाशा खान (मुलताई) | दिनांक: 27 अप्रैल, 2026 | 

मुलताई: पवित्र नगरी मुलताई और आसपास के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों एक अदृश्य ज़हर तेजी से फैल रहा है। शराब के पारंपरिक नशे को पीछे छोड़ अब 'सूखे नशे' ने नगर की युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। आलम यह है कि 18 से 30 वर्ष की आयु के युवा गांजा, अफीम और एमडीएमए (MDMA) जैसे जानलेवा मादक पदार्थों के दलदल में धंसते जा रहे हैं।

सावधान! आपके घर तक पहुँच चुका है 'कैप्टन गोगो'

​युवाओं के बीच इन दिनों 'कैप्टन गोगो', 'परफेक्ट रोल' और 'स्मोकिंग कोन' जैसे उत्पाद फैशन बन गए हैं। देखने में यह महज एक मामूली कागज़ का टुकड़ा नजर आता है, जिसे युवा 'स्वैग' समझते हैं, लेकिन असलियत में यह मौत का सामान है। युवा इसमें चरस, गांजा और स्मैक भरकर सुनसान इलाकों में समूहों में बैठकर इसका सेवन कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि नशा माफिया अब घर-घर तक अपनी पैठ बना चुके हैं और स्थान बदल-बदल कर 100 से 500 रुपये में मौत की पुड़िया बेच रहे हैं।

दवाइयों का घातक 'कॉकटेल' (मेडिकल नशा)

​न केवल मादक पदार्थ, बल्कि मेडिकल स्टोरों पर मिलने वाली दवाएं भी अब नशे का जरिया बन गई हैं। मेडिकल भाषा में जिन्हें सी.एन.एस. डिप्रेशन ड्रग्स कहा जाता है, उनका धड़ल्ले से दुरुपयोग हो रहा है। नाइट्रावेट, अलप्राक्स, डायजिपाम और स्पासमो प्राकशिवान जैसी दवाओं का ओवरडोज युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से खोखला कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई दवाएं प्रतिबंधित होने के बावजूद चोरी-छिपे और ऊंचे दामों पर बेची जा रही हैं।

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट का सख्त फैसला: मुलताई के लिए एक नजीर

​मुलताई में जहां प्रशासन इस ओर से अनजान बना हुआ है, वहीं राजधानी भोपाल में इसके खिलाफ "सर्जिकल स्ट्राइक" शुरू हो गई है। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाया है:

भोपाल पुलिस का आदेश: भोपाल नगरीय क्षेत्र की सीमा में रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन, और पर्फेक्ट रोल के विक्रय से कानून एवं व्यवस्था तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को रोकने हेतु पान की दुकानों, परचून/किराने और चाय की दुकानों जैसे सहज उपलब्ध स्थानों से इनके विक्रय को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है।


परिजनों की चेतावनी: अपनों पर रखें नज़र

​यदि आपके घर का कोई सदस्य अचानक गुमसुम रहने लगा है, उसे अकेले रहना पसंद है, या उसके व्यवहार में चिड़चिड़ापन आ गया है, तो सावधान हो जाइए। 'कैप्टन गोगो' आपके दरवाजे तक दस्तक दे चुका है। पुलिस-प्रशासन की चुप्पी के बीच अब यह अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे सचेत रहें।

निष्कर्ष और मांग

​नशे की गिरफ्त में युवा पीढ़ी एक गंभीर सामाजिक समस्या है। इसके समाधान के लिए केवल जागरूकता ही काफी नहीं है, बल्कि भोपाल की तर्ज पर मुलताई में भी इन उत्पादों की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाना अनिवार्य है। 'All India Khabar' प्रशासन से मांग करता है कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास सक्रिय नशा माफियाओं पर नकेल कसी जाए।

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