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मुलताई: अंबेडकर जयंती पर गरमाई सियासत; भाजपा का 'अपमान' का आरोप, कांग्रेस का 'ओछी राजनीति' पर पलटवार ।


मुलताई। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मुलताई में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। नगर पालिका के कार्यक्रम में कांग्रेस पार्षदों की अनुपस्थिति को लेकर जहाँ भाजपा ने इसे बाबा साहेब का अपमान बताया, वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने और ओछी राजनीति करने का पलटवार किया है।

भाजपा का आरोप: "कांग्रेस की मानसिकता उजागर"

​भाजपा मंडल अध्यक्ष गणेश साहू ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शासकीय माल्यार्पण कार्यक्रम में कांग्रेस जनप्रतिनिधियों का नदारद रहना यह दर्शाता है कि उनके मन में संविधान निर्माता के प्रति कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर बाबा साहेब और संविधान का अपमान करार दिया। इस दौरान विधायक चंद्रशेखर देशमुख और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कांग्रेस की सफाई: "भाजपा खुद संविधान विरोधी"

​भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुमित शिवहरे ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत कारणों की वजह से वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए, लेकिन भाजपा इस पर राजनीति कर रही है। शिवहरे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

​"भाजपा खुद संविधान को नहीं मानती। मुलताई में भाजपा नेता संवैधानिक न्यायपालिका के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। एक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि को उनके अधिकारों से वंचित रखकर भाजपा पाप कर रही है। अपनी नाकामियों और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा ऐसी ओछी राजनीति का सहारा ले रही है।"


विवाद के मुख्य बिंदु:

  • भाजपा का पक्ष: कांग्रेस की अनुपस्थिति को 'संविधान का अपमान' बताया।
  • कांग्रेस का पक्ष: अनुपस्थिति का कारण 'व्यक्तिगत' बताया और भाजपा पर 'महिला प्रतिनिधि के अधिकारों के हनन' का आरोप लगाया।
  • मुलताई का माहौल: बाबा साहेब की जयंती के पावन अवसर पर दोनों प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
  • निष्कर्ष: जहाँ एक ओर शहर में समरसता का जुलूस निकाला गया, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में बाबा साहेब के नाम पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब जनता तय करेगी कि संविधान के असली रक्षक कौन हैं।

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