ताप्ती सरोवर में गंदे पानी की आवक रोकने सीवर लाइन निर्माण का कार्य 3 वर्षों में भी पूर्ण नहीं हो पाया , जन-जन की आस्था का केंद्र है ताप्ती सरोवर
मुलताई - ( पत्रकार रामचरण मालवीय ) बैतूल जिले मुलताई नगर पालिका परिषद किसी न किसी वजह से अखबार की सुर्खियों में बना रहता है विगत वर्ष से नगर पालिका परिषद मुलताई का विवादों से नाता बना रहा है l मां ताप्ती सरोवर जो कि नगर सहित क्षेत्र वासियों के लिए एक आस्था का केंद्र है, ताप्ती सरोवर का जल शुद्ध एवं स्वच्छ बना रहे,ताकि पवित्र नगरी में मां ताप्ती के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु मां ताप्ती से जल आचमन कर सके, सीवर लाइन योजना को स्वीकृत कराया गया l ताप्ती की नगरी मुलताई में ग्राम चंदोरा एवं रेलवे स्टेशन मार्ग की ओर से सैकड़ो मकान से निकलने वाला निस्तार का गंदा पानी रेलवे स्टेशन के ओर से आकर ताप्ती सरोवर में मिलता है, इसी गंदे पानी को ताप्ती सरोवर में रोकने के लिए विगत वर्षों में नदियों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य सीवर लाइन योजना का काम स्वीकृत किया गया था l सीवर लाइन निर्माण की अनुमानित लागत राशि 6 करोड़ 69 लाख हैl इसके निर्माण कार्य का ठेका सारथी कंस्ट्रक्शन कंपनी को देकर यह कार्य 18 महीने में पूर्ण करने का समय दिया गया था l नगर पालिका कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीवर लाइन योजना का कार्य प्रारंभ करने का वर्क आर्डर 25 जुलाई 2020 को जारी कर दिया गया था l निश्चित समय अवधि में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में चार माह का समय बढ़ा दिया गया l इसके बाद भी वर्तमान समय तक सिविल लाइन योजना का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया l नपा के उपयंत्री योगेश अनेराव से इस संबंध में उन्होंने बताया कि सिविल लाइन योजना का काम अभी 65 प्रतिशत तक पूर्ण हो पाया है,शेष कार्य कब तक पूर्ण हो पाएगा इस पर उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गयाl सीवर लाइन निर्माण योजना का काम विगत 3 वर्ष से किया जा रहा है, लेकिन विडंबना की बात यह है कि चंदोरा मार्ग -रेलवे स्टेशन की ओर से आने वाले नाले का गंदा पानी की आवक रोकने के लिए सीवर लाइन निर्माण का यह कार्य कब तक पूर्ण होगा यह कहना बहुत मुश्किल कहा जा सकता है, जो निर्माण की समय अवधि 18 माह की थी वह 3 वर्ष से अधिक समय भी जाने के बाद भी आधा ही हो पाया है l

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