सरकारी नौकरी जाने के डर से माता पिता ने नवजात को जंगल में पत्थरों के नीचे दबाया
मध्य प्रदेश ( पाशा खान ) छिंदवाड़ा में एक सरकारी शिक्षक बबलू डांडोलिया और उनकी पत्नी राजकुमारी ने अपने चौथे बच्चे को जंगल में पत्थरों के नीचे दबा दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि चौथी संतान होने के कारण उनकी नौकरी चली जाएगी। बच्चे को करीब 20 घंटे तक जंगल में तड़पते रहने के बाद ग्रामीणों ने उसकी रोने की आवाज सुनकर बचाया और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।
घटना के मुख्य बिंदु:
- नवजात की उम्र: महज 3 दिन का नवजात जंगल में तड़पता रहा।
- माता-पिता की गिरफ्तारी: पुलिस ने बबलू डांडोलिया और राजकुमारी को गिरफ्तार कर लिया है।
- नौकरी का डर: शिक्षक को लगता था कि चौथी संतान होने पर उनकी नौकरी चली जाएगी।
- सरकारी नियम: सरकारी नियमों के अनुसार, 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान होने पर नौकरी से हटाया जा सकता है।
- बच्चे की हालत: बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर है और उसे शिशु गृह में रखा गया है ¹ ².


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