पारदी कांड में गवाहों को पैसे और धमकी देकर पलटाने का आराेप लगा कर अलसिया पारधी को जिला बदर करने की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन।
अलसिया पारधी के खिलाफ फूटा पारधी समाज का आक्रोश।
Betul : - ( पाशा खान ) चौथिया से बैतूल जाकर बसे पारधी समाज के प्रमुख सरगना अलसिया पारधी के आतंक और प्रताड़ना से तंग आकर पारधी समाज के लोगो का आक्रोश फूट पड़ा, जिन्होंने कलेक्टर अमनबीर सिंह को ज्ञापन देकर अलसिया पारधी को जिला बदर करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाते हुए बताया की " अलसिया, संगीता, अजय विजय सहित दस बारह लोग हमे जान से मारने की धमकी दे रहे है। साथ ही झूठे केस में फंसाने की कोशिश करते रहते है, सन 2003_04 में घाट अमरावती में हुई आगजनी की घटना में तीन लोगों के मर्डर में पुलिस द्वारा आसपास के गांव के 13 अपराधियों को जेल में डाला था। जिस मामले के गवाहों को कुछ पैसे और गेहूं देकर व धमकी देकर अलसिया पारधी द्वारा पलटा दिया गया, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया था। 2007 में पारधी ढाना ग्राम चौथिया में पूर्व से पट्टाधारी पारधी निवास कर रहे थे, वहां पर अलसिया पारधी अपने अन्य साथियों के साथ आकर डेरा बसाया और कुछ दिनों बाद समाज के लोगो को मारने पीटने लगा था। और दूसरे लोगो को नुकसान पहुंचाने लगा। धीरे-धीरे आसपास के गांव के लोग अलसिया पारधी और उसके साथियों से परेशान होने लग गए थे। वही कुछ दिनों बाद वहां पर पारधी परिवारों के घरों में लूटपाट और आगजनी की घटना हुई जिसमे 2 लोगो के मर्डर हुए थे। उक्त मामले में गांव वालों सहित कई अन्य हाई प्रोफाइल लोगो पर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया था। जिस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट जबलपुर में चल रही थी, कुछ समय बाद हाईकोर्ट जबलपुर से केस को भोपाल सीबीआई कोर्ट में शिफ्ट कर दिया गया था। जिसमे पारधी समाज न्याय की आस लगाएं बैठा था,
जब इस विषय में अलसिया पारधी से पूछा गया तो उसने कहा मुझे कुछ नहीं पता। अलसिया पारधी जो कि सदा आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहता है, ज्ञापन में कहा गया है की जब पुलिस प्रशासन अलसिया पारधी पर दबिश देता है तो अलसिया पारधी समाज के लोगो की झोपड़िया में आगजनी कर महिलाओं को वस्त्रहीन कराकर पुलिस के सामने खड़ा करवा देता है। और पुलिस वालों को डरा धमका कर झूठे केस दर्ज करवाता है। साथ ही केस में सीबीआई जांच की मांग भी करता रहता है। इस तरीके से अलसिया पारधी शासन प्रशासन को गुमराह करता आ रहा है।
ज्ञापन देने वालों में बड़ी संख्या में पारधी समाज के लोग शामिल थे। जिन्होंने पारधी कांड के गवाहों को पलटवाने का आरोप लगाते हुए अलसिया पारधी को जिला बदर करने की मांग की है।


0 टिप्पणियाँ